“कुश की कलम”

Archive for April 2008

उछालता कोई मुझे तो..

Posted by: bhaikush on: April 28, 2008

उछालता कोई मुझे तोखिलखिला देती…मुस्कुराता कोई तोपलकें हिला देती..
पूछता कोई जो कुछजवाब आँखें हिला कर देती..गोद मैं उठाता कोई तोउसे गीला कर देती..
डाँटता कोई मुझे तोझटमूट् रोती..आती जब नींद तोमाँ की गोद में सोती..
मम्मी की पहन साड़ीश्रींगार मैं करती..आ जाए ना कोई कमरे मेंइस बात से डरती…
दादा को पकड़ करघोड़ा मैं बनाती..ज़्यादा तो नही परखाना, [...]

उछालता कोई मुझे तो..

Posted by: bhaikush on: April 28, 2008

उछालता कोई मुझे तोखिलखिला देती…मुस्कुराता कोई तोपलकें हिला देती..
पूछता कोई जो कुछजवाब आँखें हिला कर देती..गोद मैं उठाता कोई तोउसे गीला कर देती..
डाँटता कोई मुझे तोझटमूट् रोती..आती जब नींद तोमाँ की गोद में सोती..
मम्मी की पहन साड़ीश्रींगार मैं करती..आ जाए ना कोई कमरे मेंइस बात से डरती…
दादा को पकड़ करघोड़ा मैं बनाती..ज़्यादा तो नही परखाना, [...]

उछालता कोई मुझे तो..

Posted by: bhaikush on: April 28, 2008

उछालता कोई मुझे तोखिलखिला देती…मुस्कुराता कोई तोपलकें हिला देती..
पूछता कोई जो कुछजवाब आँखें हिला कर देती..गोद मैं उठाता कोई तोउसे गीला कर देती..
डाँटता कोई मुझे तोझटमूट् रोती..आती जब नींद तोमाँ की गोद में सोती..
मम्मी की पहन साड़ीश्रींगार मैं करती..आ जाए ना कोई कमरे मेंइस बात से डरती…
दादा को पकड़ करघोड़ा मैं बनाती..ज़्यादा तो नही परखाना, [...]

उछालता कोई मुझे तो..

Posted by: bhaikush on: April 28, 2008

उछालता कोई मुझे तोखिलखिला देती…मुस्कुराता कोई तोपलकें हिला देती..
पूछता कोई जो कुछजवाब आँखें हिला कर देती..गोद मैं उठाता कोई तोउसे गीला कर देती..
डाँटता कोई मुझे तोझटमूट् रोती..आती जब नींद तोमाँ की गोद में सोती..
मम्मी की पहन साड़ीश्रींगार मैं करती..आ जाए ना कोई कमरे मेंइस बात से डरती…
दादा को पकड़ करघोड़ा मैं बनाती..ज़्यादा तो नही परखाना, [...]

यादो की गुल्लक फूटी है..

Posted by: bhaikush on: April 24, 2008

कक्षा बारहवी के चार बारहसिंघो की कहानी…ये चार गोप कुमार हँसी ठिठोली के लिए यूही घूमने निकल लिए.. ग्राम चोपासनी जिला जोधपुर में एक अम्यूज़्मेंट पार्क हुआ करता था “फन वर्ल्ड” इस वाटिका की खूबसूरती के हम उस समय बड़े कायल थे.. चारो गोप कुमार शाम 6 बजे अपने वाहन लेकर चल दिए.. हमारे मित्र [...]

यादो की गुल्लक फूटी है..

Posted by: bhaikush on: April 24, 2008

कक्षा बारहवी के चार बारहसिंघो की कहानी…ये चार गोप कुमार हँसी ठिठोली के लिए यूही घूमने निकल लिए.. ग्राम चोपासनी जिला जोधपुर में एक अम्यूज़्मेंट पार्क हुआ करता था “फन वर्ल्ड” इस वाटिका की खूबसूरती के हम उस समय बड़े कायल थे.. चारो गोप कुमार शाम 6 बजे अपने वाहन लेकर चल दिए.. हमारे मित्र [...]

यादो की गुल्लक फूटी है..

Posted by: bhaikush on: April 24, 2008

कक्षा बारहवी के चार बारहसिंघो की कहानी…ये चार गोप कुमार हँसी ठिठोली के लिए यूही घूमने निकल लिए.. ग्राम चोपासनी जिला जोधपुर में एक अम्यूज़्मेंट पार्क हुआ करता था “फन वर्ल्ड” इस वाटिका की खूबसूरती के हम उस समय बड़े कायल थे.. चारो गोप कुमार शाम 6 बजे अपने वाहन लेकर चल दिए.. हमारे मित्र [...]

यादो की गुल्लक फूटी है..

Posted by: bhaikush on: April 24, 2008

कक्षा बारहवी के चार बारहसिंघो की कहानी…ये चार गोप कुमार हँसी ठिठोली के लिए यूही घूमने निकल लिए.. ग्राम चोपासनी जिला जोधपुर में एक अम्यूज़्मेंट पार्क हुआ करता था “फन वर्ल्ड” इस वाटिका की खूबसूरती के हम उस समय बड़े कायल थे.. चारो गोप कुमार शाम 6 बजे अपने वाहन लेकर चल दिए.. हमारे मित्र [...]

हमे फोन उठाते ही आवाज़ आई क्रिकेटर ले लो.. क्रिकेटर ले लो.. हम बोखलाए.. भाई ये क्या है.. नयी रिंगटोन. नया फोन.. ओर लोन के लिए तो फोन आते थे ये अब [...]

हमे फोन उठाते ही आवाज़ आई क्रिकेटर ले लो.. क्रिकेटर ले लो.. हम बोखलाए.. भाई ये क्या है.. नयी रिंगटोन. नया फोन.. ओर लोन के लिए तो फोन आते थे ये अब [...]