“कुश की कलम”

Archive for May 2008

स्कूल के दिन थे.. शायद नौंवी कक्षा में था, नयी गर्ल फ्रेंड मिली थी. नाम बताया तो रुसवाई होगी ..उम्मीद है आप पूछेंगे भी नही.. हमारा बर्थडे तब शायद दीवाली वाले दिन था.. उसका फोन आया (हमारे पास मोबाइल नाम की चीज़ तबसे ही है) हम बड़े खुश हो गये.. अगले दिन मिलने के वादे [...]

स्कूल के दिन थे.. शायद नौंवी कक्षा में था, नयी गर्ल फ्रेंड मिली थी. नाम बताया तो रुसवाई होगी ..उम्मीद है आप पूछेंगे भी नही.. हमारा बर्थडे तब शायद दीवाली वाले दिन था.. उसका फोन आया (हमारे पास मोबाइल नाम की चीज़ तबसे ही है) हम बड़े खुश हो गये.. अगले दिन मिलने के वादे [...]

स्कूल के दिन थे.. शायद नौंवी कक्षा में था, नयी गर्ल फ्रेंड मिली थी. नाम बताया तो रुसवाई होगी ..उम्मीद है आप पूछेंगे भी नही.. हमारा बर्थडे तब शायद दीवाली वाले दिन था.. उसका फोन आया (हमारे पास मोबाइल नाम की चीज़ तबसे ही है) हम बड़े खुश हो गये.. अगले दिन मिलने के वादे [...]

ये ‘उनके’ लिए है ….

Posted by: bhaikush on: May 30, 2008

बादलो की जो आहट हुई.. मैनेसर उठाकर देखा.. वो आ गयी…. इतने में एकबूँद आँखो पर आ गिरी..उसने कहा बारिश आनेवाली है.. मुझे जाना होगामैने जवाब नही दिया..बस उसे देखता रहाकुछ इस तरह जैसे आज सेपहले कभी देखा नही..वो मेरे करीब आई और बोलीक्या हुआ बुद्धूराम.. बोलते क्यो नही.. मेरे होंठ हिलेऔर सिर्फ़ इतना कह [...]

ये ‘उनके’ लिए है ….

Posted by: bhaikush on: May 30, 2008

बादलो की जो आहट हुई.. मैनेसर उठाकर देखा.. वो आ गयी…. इतने में एकबूँद आँखो पर आ गिरी..उसने कहा बारिश आनेवाली है.. मुझे जाना होगामैने जवाब नही दिया..बस उसे देखता रहाकुछ इस तरह जैसे आज सेपहले कभी देखा नही..वो मेरे करीब आई और बोलीक्या हुआ बुद्धूराम.. बोलते क्यो नही.. मेरे होंठ हिलेऔर सिर्फ़ इतना कह [...]

ये ‘उनके’ लिए है ….

Posted by: bhaikush on: May 30, 2008

बादलो की जो आहट हुई.. मैनेसर उठाकर देखा.. वो आ गयी…. इतने में एकबूँद आँखो पर आ गिरी..उसने कहा बारिश आनेवाली है.. मुझे जाना होगामैने जवाब नही दिया..बस उसे देखता रहाकुछ इस तरह जैसे आज सेपहले कभी देखा नही..वो मेरे करीब आई और बोलीक्या हुआ बुद्धूराम.. बोलते क्यो नही.. मेरे होंठ हिलेऔर सिर्फ़ इतना कह [...]

ये ‘उनके’ लिए है ….

Posted by: bhaikush on: May 30, 2008

बादलो की जो आहट हुई.. मैनेसर उठाकर देखा.. वो आ गयी…. इतने में एकबूँद आँखो पर आ गिरी..उसने कहा बारिश आनेवाली है.. मुझे जाना होगामैने जवाब नही दिया..बस उसे देखता रहाकुछ इस तरह जैसे आज सेपहले कभी देखा नही..वो मेरे करीब आई और बोलीक्या हुआ बुद्धूराम.. बोलते क्यो नही.. मेरे होंठ हिलेऔर सिर्फ़ इतना कह [...]

ये ‘उनके’ लिए है ….

Posted by: bhaikush on: May 30, 2008

बादलो की जो आहट हुई.. मैनेसर उठाकर देखा.. वो आ गयी…. इतने में एकबूँद आँखो पर आ गिरी..उसने कहा बारिश आनेवाली है.. मुझे जाना होगामैने जवाब नही दिया..बस उसे देखता रहाकुछ इस तरह जैसे आज सेपहले कभी देखा नही..वो मेरे करीब आई और बोलीक्या हुआ बुद्धूराम.. बोलते क्यो नही.. मेरे होंठ हिलेऔर सिर्फ़ इतना कह [...]

श्रीमति जी मायके गयी हुई थी.. तो हमने सोचा आज कोई वीरोचित काम किया जाए बस फट से हमने टी वी का रिमोट हाथ में लिया और चला दिया आई पी एल का मॅच.. वाह मज़ा आ गया सोचा आज तो छक्के चोक्के देखेंगे बैठकर.. मगर आप तो जानते ही है हमारी किस्मत.. ससुर फोन [...]

श्रीमति जी मायके गयी हुई थी.. तो हमने सोचा आज कोई वीरोचित काम किया जाए बस फट से हमने टी वी का रिमोट हाथ में लिया और चला दिया आई पी एल का मॅच.. वाह मज़ा आ गया सोचा आज तो छक्के चोक्के देखेंगे बैठकर.. मगर आप तो जानते ही है हमारी किस्मत.. ससुर फोन [...]