“कुश की कलम”

Archive for September 2008

स्टाइल साभार – पुस्तक मरीचिका (लेखक – ज्ञान चतुर्वेदी)कोटिश आभार – नीरज गोस्वामी जी (पुस्तक उपहार देने के लिए)
थोड़ी सी मौज लेते हुए लिख रहा हू.. मौज लेते हुए ही पढ़ा जाए.. यदि कोई मित्र पढ़कर आहत हो तो अग्रिम क्षमा..
पूर्व में हमने देखा ब्लॉग जगत के देवता, उसके विमान, सोंटाधारी का सोंटा और ब्लोगाश्रम [...]

स्टाइल साभार – पुस्तक मरीचिका (लेखक – ज्ञान चतुर्वेदी)कोटिश आभार – नीरज गोस्वामी जी (पुस्तक उपहार देने के लिए)
थोड़ी सी मौज लेते हुए लिख रहा हू.. मौज लेते हुए ही पढ़ा जाए.. यदि कोई मित्र पढ़कर आहत हो तो अग्रिम क्षमा..
पूर्व में हमने देखा ब्लॉग जगत के देवता, उसके विमान और ब्लोगाश्रम में होने वाली [...]

स्टाइल साभार – पुस्तक मरीचिका (लेखक – ज्ञान चतुर्वेदी)कोटिश आभार – नीरज गोस्वामी जी (पुस्तक उपहार देने के लिए)
थोड़ी सी मौज लेते हुए लिख रहा हू.. मौज लेते हुए ही पढ़ा जाए.. यदि कोई मित्र पढ़कर आहत हो तो अग्रिम क्षमा..
पूर्व में हमने देखा ब्लोगाश्रम में होने वाली बहुआयामी गतिविधियो को… आइए आगे देखे क्या [...]

स्टाइल साभार – पुस्तक मरीचिका (लेखक – ज्ञान चतुर्वेदी)कोटिश आभार – नीरज गोस्वामी जी (पुस्तक उपहार देने के लिए)
थोड़ी सी मौज लेते हुए लिख रहा हू.. मौज लेते हुए ही पढ़ा जाए.. यदि कोई मित्र पढ़कर आहत हो तो अग्रिम क्षमा..

प्रात की मधुर बेला.. ब्लॉग जगत की पावन धरा के पास ब्लॉगी नदी शांत [...]

माई!

Posted by: bhaikush on: September 18, 2008

एक कहानी
आज पूरे तेरह दिन हो चुके है.. शहर फिर से उसी गति से चल रहा है.. जिस गति से वो मंगलवार की उस शाम से पहले तक चल रहा था. फिर दो दिन कुछ रुका फिर दो दिन बाद कुछ संभला.. अब फिर उसी गति से या शायद उस से भी तेज.. इन [...]

“इंडियन मुजाहिदीन एक हिंदू संगठन है जो मुसलमानों को बदनाम करने के लिए बम फोड़ रहा है”
जिन लोगो ने फ़िरदौस जी का ताज़ा लेख पढ़ा है उन्हे भी मेरी तरह उनपर दया ज़रूर आई होगी.. माफ़ कीजिएगा मैं इस तरह के लेख लिखता नही हू पर शायद ये हम लोगो की कमज़ोरी ही है [...]

पिछले कुछ दिनो से बस यूही मशरूफ था ज़िंदगी के साथ.. अब आया हू तो सोचा की नये रूप में मिला जाए…. बस इसी लिए ब्लॉग को एक नया रूप दिया है.. बताएगा कैसा लगा आपको… तक तक पढ़िए कुछ दिल से लिखी क्षणिकाए..
==========दूर अंतरिक्ष सेगिरा एक उल्कापिंडसीधा टकराया मेरीकल्पनाओ से..
तुम्हारे टुकड़े टुकड़ेकैसे संभाल करजोड़े [...]

पिछले कुछ दिनो से बस यूही मशरूफ था ज़िंदगी के साथ.. अब आया हू तो सोचा की नये रूप में मिला जाए…. बस इसी लिए ब्लॉग को एक नया रूप दिया है.. बताएगा कैसा लगा आपको… तक तक पढ़िए कुछ दिल से लिखी क्षणिकाए..
==========दूर अंतरिक्ष सेगिरा एक उल्कापिंडसीधा टकराया मेरीकल्पनाओ से..
तुम्हारे टुकड़े टुकड़ेकैसे संभाल करजोड़े [...]