“कुश की कलम”

Archive for November 2008

जवाब… जो मिलते नही

Posted by: bhaikush on: November 28, 2008

ट्रिंग ट्रिंग
हैलो
सी एम साहब से बात करनी है..?
हाँ सी एम बोल रहा हू
नमस्कार सी एम साहब.. आपके राज्य में रहने वाली एक लड़की बोल रही हू..
हाँ बोलो क्या काम है?
एक बात पुछनी थी..
हाँ पूछो
अगर कोई आपके घर में ज़बरदस्ती घुस जाए.. ओर आपकी माँ को नंगा कर दे तो?
ये क्या बकवास कर रही हो? [...]

पहाड़ियो के बीच बसी हुई एक छोटी सी जगह है ब्लॉगगढ़.. अभी ब्लॉ्गगढ़ की ओर आने वाली पगडंडियों पर दो व्यक्ति घोड़े पे बैठकर आ रहे है…
जी हा ठीक समझे आप ये ठाकुर बलदेव पांडे के यहा जा रहे है…
नमस्कार ठाकुर साहब..
नमस्कार .. यहा तक आने में कोई तकलीफ़ तो नही हुई?
नही नही ठाकुर [...]

पहाड़ियो के बीच बसी हुई एक छोटी सी जगह है ब्लॉगगढ़.. अभी ब्लॉ्गगढ़ की ओर आने वाली पगडंडियों पर दो व्यक्ति घोड़े पे बैठकर आ रहे है…
जी हा ठीक समझे आप ये ठाकुर बलदेव पांडे के यहा जा रहे है…
नमस्कार ठाकुर साहब..
नमस्कार .. यहा तक आने में कोई तकलीफ़ तो नही हुई?
नही नही ठाकुर [...]

दोस्तों इंतज़ार हुआ ख़त्मब्लोगीवुड की पहली फ़िल्म शोले रिलीज होने जा रही है

आज ही अपनी टिकट बुक करवाइए

दोस्तों इंतज़ार हुआ ख़त्मब्लोगीवुड की पहली फ़िल्म शोले रिलीज होने जा रही है

आज ही अपनी टिकट बुक करवाइए

नेकी कर और ढोल बजा ..

Posted by: bhaikush on: November 17, 2008

अनुराग बाबू का ब्लॉग चूसा इतना रस निकला की कल मधुमेह का चेक अप कराके आया हू.. पूरे पंद्रह सौ रुपये लगे.. मेरे पास कैश थे नही तो सोचा ए टी एम से निकाल लू.. लेकिन कौनसे वाले ए टी एम से निकालु? छ्: बॅंक में अकाउंट है.. एच डी एफ सी वाले से निकाल [...]

एक सिगरेट और जल गई..

Posted by: bhaikush on: November 15, 2008

घड़ी की टिक टिक की आवाज़ के अलावा और कोई शोर नही था कमरे में.. पर्दे का कोना बहुत मैला हो गया था शायद बार बार हाथ पोंछे जाने से.. पलंग पर शरलोक होम्स की कुछ किताबे बिखरी हुई पढ़ी थी.. उसी पलंग पर वो उल्टा लेटा हुआ था.. एक अंगड़ाई लेता हुआ वो उठा.. [...]

दोस्तो,लंबे इंतेज़ार के बाद ब्लॉगीवूड़ की पहली फिल्म बनकर तैयार है.. और जल्द ही आपके सामने आने वाली है..फिल्म का पहला पोस्टर रिलीज़ किया जा चुका है.. फिल्म जल्द ही आपके सामने होगी… तब तक के लिए देखिए फिल्म का पोस्टर..

ठाकुर – ज्ञानदत्त पाण्डेयजय – अनुराग आर्यवीरू – कुश
बसंती – पल्लवी त्रिवेदीराधा – पूजा उपाध्याय
गब्बर [...]

जन्मदिन पर कितने ही लोगो ने फ़ोन किया.. इतनी सारी दुआए मिली की संभालनी मुश्किल हो गयी.. काश! दुआओ का भी कोई फिक्स डिपोसिट होता की आज जमा करा लो और जब ज़रूरत हुई तब निकाल लो..
जन्मदिन के दूसरे दिन शाम को एक फ़ोन आया.. नंबर अंजान था.. उठाया तो सामने से आवाज़ आई
“भाईकुश? [...]

21 22 23 और ये 24… पूरी 24

Posted by: bhaikush on: November 5, 2008

21 22 23 और ये 24… पूरी 24
पूरी दस
उहु! दस नही 24
24 नही दस..
क्या दस?
तुम्हारी ऊंगलिया..
नही 24 मोमबत्तिया.. जो मेरी ऊंगलियो में है..
मैने तो ऊंगलिया गिनी है पूरी दस है..
सिर्फ़ ऊंगलिया मत गिनो.. शादी के दिन भी गिनो..
उफ़! ग़लती करदी गिनके
क्या शादी के दिन?
नही ऊंगलिया..
ग़लती तो मैने की जो कब से मोमबत्तिया लगा रही हू [...]