Posted by: bhaikush on: March 19, 2009
जब देर रात तकखामोशी बैठीरही थी.. उस कमरे मेंतुमने भी एकनमी महसूस क़ीहोगी अपने सीने परएक दूसरे से लिपट करकितना रोए थे ना हम…
प्रेम का मतलब सिर्फ़ पाना ही तो नही होता.. दे जाने में जो प्यार है उसकी खुमारी तो सांसो में घुल जाती है.. इतनी कोमल जैसे रूही का कोई फ़ाहा ले रखा [...]
Posted by: bhaikush on: March 19, 2009
जब देर रात तकखामोशी बैठीरही थी.. उस कमरे मेंतुमने भी एकनमी महसूस क़ीहोगी अपने सीने परएक दूसरे से लिपट करकितना रोए थे ना हम…
प्रेम का मतलब सिर्फ़ पाना ही तो नही होता.. दे जाने में जो प्यार है उसकी खुमारी तो सांसो में घुल जाती है.. इतनी कोमल जैसे रूही का कोई फ़ाहा ले रखा [...]
Posted by: bhaikush on: March 17, 2009
नमस्कार दोस्तो..
जानता हू कॉफी क़ी महक कब से आ रही है.. पर कॉफी नही आ रही है.. आपको भी लग रहा होगा कि इतना टाइम क्यो लग रहा है.. अब क्या करे आचार सहिता लग चुकी है.. ऊपर से सारी पुलिस फोर्स नेताओ के पीछे लग गयी है.. इसी चक्कर में पल्लवी जी भी कही [...]
Posted by: bhaikush on: March 13, 2009
ये कहानी है मेरी एक शोर्ट फ़िल्म की जो मैंने अभी शुरू की है.. .इस से पहले मेरी जिन कहानियो पर शोर्ट फिल्म्स बना चुका हु वे है.. पन्ने हवा में अभी भी उड़ रहे थे.., ज़िन्दगी कभी यू भी मुड़ जाती है.., एक सिगरेट और जल गई.. अब शुरू करते है मेरी नई [...]
Posted by: bhaikush on: March 13, 2009
ये कहानी है मेरी एक शोर्ट फ़िल्म की जो मैंने अभी शुरू की है.. .इस से पहले मेरी जिन कहानियो पर शोर्ट फिल्म्स बना चुका हु वे है.. पन्ने हवा में अभी भी उड़ रहे थे.., ज़िन्दगी कभी यू भी मुड़ जाती है.., एक सिगरेट और जल गई.. अब शुरू करते है मेरी नई [...]
Posted by: bhaikush on: March 6, 2009
टॉम कहे चलो होलियाएडिक कहे चलो होलियाएहैरी कहे चलो होलियाएहम कहा चलो हम भी होलियाए..
उपरोक्त पंक्तियो का किसी भी घटना या किसी व्यक्ति से संबंध है तो सही.. पर किस से है ये पता नही चल पा रहा है.. पता चलते ही आपको सूचित किया जायेगा..
तो जी बात ऐसी है.. कि कल शायद हम खिसकले [...]
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