Posted by: bhaikush on: May 27, 2009
जितनी शिद्दत से मैं मंदिर के सामने से गुज़रते वक़्त सजदा करता हूँ उसी भावना से किसी मस्जिद पर भी सर झुकाता हूँ.. गुरूद्वारे और चर्चो पर भी इसी तरह की एक प्रक्रिया स्वत: ही हो जाती है.. और यकीन मानिए इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है.. ये बिलकुल सहज है..
दरअसल हम [...]
Posted by: bhaikush on: May 27, 2009
जितनी शिद्दत से मैं मंदिर के सामने से गुज़रते वक़्त सजदा करता हूँ उसी भावना से किसी मस्जिद पर भी सर झुकाता हूँ.. गुरूद्वारे और चर्चो पर भी इसी तरह की एक प्रक्रिया स्वत: ही हो जाती है.. और यकीन मानिए इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है.. ये बिलकुल सहज है..
दरअसल हम [...]
Posted by: bhaikush on: May 11, 2009
पचास की स्पीड से चलती मेरी गाडी के सामने से गुजरते ही एक साईकिल वाला ब्रेक लगाता है और रुक जाता है.. ये वो कन्डीशन है जब मुझे सबसे ज्यादा दुःख होता है.. मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि कोई साईकिल वाले को ब्रेक नहीं लगाना पड़े.. क्योंकि मैं तो एक्सीलरेटर दबा कर स्पीड बढा [...]
Posted by: bhaikush on: May 11, 2009
पचास की स्पीड से चलती मेरी गाडी के सामने से गुजरते ही एक साईकिल वाला ब्रेक लगाता है और रुक जाता है.. ये वो कन्डीशन है जब मुझे सबसे ज्यादा दुःख होता है.. मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि कोई साईकिल वाले को ब्रेक नहीं लगाना पड़े.. क्योंकि मैं तो एक्सीलरेटर दबा कर स्पीड बढा [...]
Posted by: bhaikush on: May 6, 2009
हमेफोन उठाते ही आवाज़ आई क्रिकेटर ले लो.. क्रिकेटर ले लो.. हम बौखलाए.. भाई ये क्या है.. नयी रिंगटोन. नया फोन.. और लोन के लिए तो फोन आते थे ये अब क्रिकेट का क्या चक्कर है. हमने पूछा भय्ये माज़रा क्या है.. क्या बक बक कर रहे हो..? वो बोला देखिए श्रीमान मैं तमीज़ से [...]
Posted by: bhaikush on: May 6, 2009
हमेफोन उठाते ही आवाज़ आई क्रिकेटर ले लो.. क्रिकेटर ले लो.. हम बौखलाए.. भाई ये क्या है.. नयी रिंगटोन. नया फोन.. और लोन के लिए तो फोन आते थे ये अब क्रिकेट का क्या चक्कर है. हमने पूछा भय्ये माज़रा क्या है.. क्या बक बक कर रहे हो..? वो बोला देखिए श्रीमान मैं तमीज़ से [...]
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