“कुश की कलम”

Archive for August 2009

हलकट दुनिया का सिपाही..

Posted by: bhaikush on: August 25, 2009

हलकट दुनिया के पिछवाडे पर लात देकर उसने गाडी स्टार्ट कर दी थी.. लोग बाग़ सड़क पर दौड़ रहे थे.. सारी गाड़िया फूटपाथ पर चल रही थी.. अचानक किसी ने बिलकुल पास आकर ब्रेक मारा.. @$%#$% कुछ निकला था उसके मुंह से.. शायद कोई गन्दी गाली रही होगी.. नहीं गन्दी नहीं, सिर्फ गाली होगी.. गालिया [...]

लीम्बू सोडा..

Posted by: bhaikush on: August 6, 2009

आप हमेशा की तरह उन्हें मना रहे है.. उनको मानना ही है ये वो भी जानती है और आप भी.. फिर भी आप मना रहे है.. वो चाहती है बस थोडी देर और मनाया जाये.. आप कोशिश तो कर रहे है,, पर आपको प्रोमिस भी करना पड़ेगा.. कि आज के बाद आप उनके घरवालो के [...]